छत्तीसगढ़

किसान के खेत तक पहुंच रोके जाने पर तुषार जैन के खिलाफ शिकायत

Shantanu Roy
9 Nov 2025 11:07 PM IST
किसान के खेत तक पहुंच रोके जाने पर तुषार जैन के खिलाफ शिकायत
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Raipur. रायपुर। ग्राम पंडरभट्ठा के निवासी और स्थानीय किसान ने गंभीर शिकायत दर्ज कराई है कि उसके खेत तक पहुंचने का रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया और उसे धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने खेत की फसल की देखरेख के लिए 08.11.2025 को सुबह लगभग 07.45 बजे खेत की ओर जा रहा था। खेत के मेन रोड पर तुषार जैन का निजी खेत स्थित है, जिस पर लोहे का गेट लगाया गया था और ताला बंद था।
शिकायतकर्ता ने कहा कि जब उन्होंने तुषार जैन से गेट खोलने के लिए कहा तो तुषार जैन ने जवाब दिया कि यह उसका निजी जमीन है और उन्होंने न सिर्फ गेट नहीं खोला, बल्कि किसान और अन्य लोगों को वहां जाने से रोक दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार तुषार जैन ने अपने शब्दों में धमकी दी और कहा कि “तुम्हें भी मारूंगा जैसे तुम्हारे भाई को पहले मारा गया था।” इस दौरान तुषार जैन ने अश्लील और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग भी किया।
घटना के समय कई स्थानीय किसान मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने तुषार जैन को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना और गेट को खोलने से इंकार कर दिया। मौके पर उपस्थित किसान टोपी वर्मा, एवन वर्मा, सुरेंद्र वर्मा और मुकेश कुमार वर्मा ने घटना को देखा और सुना। शिकायतकर्ता ने इस पूरी घटना की जानकारी थाना में दर्ज कराई और कार्यवाही की मांग की है।
शिकायत में यह भी बताया गया कि तुषार जैन की यह हरकत अन्य किसानों के लिए भी बाधा और डर का कारण बन सकती है। किसान समुदाय के लिए यह रास्ता फसल देखने और खेत तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण है। गेट बंद करने और धमकी देने से स्थानीय किसानों की खेती संबंधी गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आरोपित तुषार जैन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और किसानों को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है, ताकि जल्द से जल्द सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि खेती संबंधी रास्तों का अवरोध और किसानों को धमकी देना गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई करने से न केवल किसानों का हक सुरक्षित रहता है, बल्कि स्थानीय शांति और कानून का पालन भी सुनिश्चित होता है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से आग्रह किया है कि तुषार जैन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में किसी भी किसान के साथ ऐसी घटना न हो। स्थानीय किसान भी घटना से चिंतित हैं और चाहते हैं कि प्रशासन क्षेत्र में उचित कदम उठाए।
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि निजी जमीन और सार्वजनिक रास्तों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। किसानों के लिए खेत तक पहुंचना न केवल उनकी आजीविका से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का भी हिस्सा है।
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